13th BRICS Summit: PM Narendra Modi addressed.

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13वे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा बीते 15 सालों में ब्रिक्स देशों ने कई सफलताएं हासिल की है, हमारे पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है ।

संध्या देवी

चित्रकूट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुरुवार को आयोजित 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। कोरोना के चलते फिलहाल यह बैठक वर्चुअल मोड में हुई। नरेंद्र मोदी ने कहा इस सम्मेलन की अध्यक्षता करना उनके लिए बहुत खुशी की बात है।
उन्होंने कहा बीते 15 सालों में ब्रिक्स देशों ने कई सफलताएं हासिल की है ,कोरोना संकट के समय भी सब ने मिलकर काम किया है और महामारी के खिलाफ लड़ाई को भी मजबूत किया है।
आइए पढ़ते हैं प्रधानमंत्री के संबोधन की अहम बातें- 1. विकासशील देशों के लिए यह एक अहम मंच-
प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि भारत विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक शानदार उदाहरण हैं। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह मंच बहुत उपयोगी रहा है। ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर इस सम्मेलन की अध्यक्षता करना मेरे और देश के लिए बहुत खुशी की बात है। आज की इस बैठक के लिए हमारे पास विस्तृत एजेंडा है। 
2.भारत का theme Bricks देशों की साझेदारी का आधार
नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स आने वाले 15 वर्षों में और अधिक उपयोगी बनकर उभरे। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुनी है, वह इसी प्राथमिकता की ओर इशारा करती है। हमारी थीम है- ‘BRICS@15: Intra-BRICS cooperation for continuity, consolidation and consensus’
 Cooperation for Continuity, Consolidation and Consensus- यही चार सी (4C) ब्रिक्स देशों की साझेदारी का आधार है।

  1. गर्व करने के लिए हमारे पास बहुत कुछ
    मोदी ने कहा कि ब्रिक्स ने न्यू डेवलपमेंट बैंक, एनर्जी रिसर्च कॉरपोरेशन जैसे प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं। गर्व करने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। यह भी जरूरी है कि हम आत्मसंतुष्ट ना हों। हमें ये निश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 सालों के लिए उपयोगी हो।
  2. कोरोना के बावजूद 150 से ज्यादा ब्रिक्स बैठकें हुईं
    इस साल कोविड की अव्यवस्थाओं के बावजूद 150 से ज्यादा ब्रिक्स बैठकें और कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें 20 मंत्री स्तर के थे। परंपरागत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ हमने ब्रिक्स एजेंडे को बढ़ाने का प्रयास किया। Brics मे इस साल कई चीजें पहली बार हुयी हैं।
  3. नवंबर में जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे
    पीएम मोदी ने कहा कि यह भी पहली बार हुआ कि ब्रिक्स ने multilateral system सिस्टम्स की मजबूती और सुधार पर एक साझा स्टैंड लिया है। हमने Bricks counter terrorism action plan को भी माना है। हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए यह एक अहम कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे।
    China- जिनपिंग ने ब्रिक्स के भविष्य पर की चर्चा
    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि यह ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ है। पिछले 15 साल में हमने राजनीतिक विश्वास बढ़ाया है और कूटनीतिक बातचीत को आगे ले गए हैं। हमने एक-दूसरे से बातचीत का मजबूत रास्ता निकाला। हमने कई क्षेत्रों में प्रगति की है। हम अपने साझा विकास की यात्रा साथ-साथ कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत से हमारे सहयोगी देश महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिक्स के भविष्य के लिए हम मिलकर काम करेंगे। हम अपनी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा संसाधनों के आधार पर रणनीति बनाएंगे। ब्रिक्स के भविष्य को मजबूत करेंगे।

Russia – पुतिन ने अफगानिस्तान के लिए जताई चिंता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका सेना और उसके उसके सहयोगियों के वापस आने से नई चुनौतियां खड़ी हुई है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इससे वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कैसा असर पड़ेगा। यह अच्छी बात है कि हमारे देशों ने इस मुद्दे पर खास नजर बना रखी है।
पुतिन का कहना है कि अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए। इसकी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत के रूप में नहीं होना चाहिए।

South Africa- सिरिल ने लक्ष्य हासिल के लिए साथ मिल चलने को कहा
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि कोरोना के खिलाफ हमारे साझा प्रयासों ने ये साबित कर दिया कि जब हम एक साथ काम करते हैं तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स देशों के रूप में हमें अपने लोगों के जीवन, आजीविका की रक्षा करना जारी रखना चाहिए। हमें वैश्विक आर्थिक सुधार का समर्थन करना चाहिए और सार्वजनिक प्रणालियों के लचीलेपन को बढ़ावा देना चाहिए। कोरोना के टीकों, निदान और चिकित्सा विज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। यह एकमात्र तरीका है जिससे हम दुनिया को घेरने वाली इस महामारी का जवाब दे सकते हैं।

वीडियो कॉंफ़्रेंसिंग के जरिये संपन्न हुई 13वीं Bricks शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजीलके राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक ग्रुप फोटो भी ली।

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