Rajasthan government give instructions to free Jaipur from beggars

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Bhanu Pratap Singh

राजस्थान की राजधानी जयपुर को भिखारियों से मुक्त(Jaipur Free From Beggars) करने के लिए सरकार के निर्देश (Instructions of the Government) पर अभिनव पहल (Abhinav Pahal) की जा रही है. जयपुर शहर में करीब ढाई से 3 हजार भिखारी को चिन्हित किया. राजधानी जयपुर (Jaipur) में भिक्षुक को मुख्यधारा में लाने का अभियान शुरू किया गया है. इसके लिए राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police), सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग (Social Justice Empowerment Department) और आरएसएलडीसी (RSLDC Department) विभाग की ओर से जयपुर शहर में अभियान का शुभारंभ किया गया है.

पूर्व पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव (Former DG of Police Bhupendra Yadav) की उपज थी, उनका विचार था कि सड़क पर खड़े भिक्षुक बेसहारा खडे़ उनको संभालने का काम हो. इसके बाद सरकार ने इसके लिए भिखारियों को चिन्हित कर मुख्यधारा में जोड़ने का काम शुरू कर दिया.जहां इन भिखारियों की काउंसलिंग (Beggars will be Counseled) की जाएगी. काउंसलिंग के बाद भिखारी की कैटेगरी तैयार की जाएगी. कैटेगरी के बाद अगर वह रोजगार करने के लिए सहमत होंगे, तो आरएसएलडीसी की ओर से रोजगार के लिए प्रशिक्षण (Employment Training by RSLDC) करवाया जाएगा.एनजीओ द्वारा रोजगार (Employment by NGOs) देने का भी काम किया गया. यदि ये लोग अब भी भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाते है या ऐसे निर्धन लोग उनके रहने और खाने पीने की व्यवस्था नहीं है तो उन्हें सार्थक मानव संस्थान में खाने पीने से लेकर रहने तक की व्यवस्था की जाएगी. सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा अभियान द्वारा जिस कैटेगरी का यदि बच्चा है तो उसको बाल गृह से जोड़कर शिक्षा से जोड़ने का (Link Education with Children’s Home) काम करेंगे. निशक्तजन है तो जामडोली में भर्ती करवाया जाएगा. वृद्ध या 60 साल का व्यक्ति है तो जामडोली में वृद्ध आश्रम (Old Age Ashram in Jamdoli) में भर्ती कराया जाएगा.राज्य सरकार की अभिनव पहल (Abhinav Pahal) पर राजधानी जयपुर शहर को भिक्षु मुक्त बनाने के प्रयास किया जा रहा है.

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