Remembering Lala Amarnath on his birth anniversary

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दिव्यादित्य सिंह

11 सितंबर, 1911 को पंजाब के गोपीपुर गांव में Lala Amarnath का जन्म हुआ था। लाला अमरनाथ ने 15 दिसंबर 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू किया था। और अपने पहले ही मैच में 118 रन की पारी खेल कर अमरनाथ भारत की ओर से शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। अमरनाथ अपने दौर में भारत के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर थे। लेकिन दूसरे विश्व युद्ध और टीम की आंतरिक राजनीति के चलते वह ज्यादा मैच नहीं खेल पाए। अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ने के बाद भी लाला अमरनाथ दूसरे विश्व युद्ध तक सिर्फ टेस्ट खेल पाए थे।

अमरनाथ ने 1947–48 में आज़ाद भारत की क्रिकेट टीम में वापसी की। वापसी के साथ ही उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाली। जिसके चलते वह आज़ाद भारतीय टीम के पहले कप्तान बन गए। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। लाला अमरनाथ की कप्तानी में ही भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली जीत मिली। 1952 में भारत के दौरे पर अपनी पहली टेस्ट सीरीज खेलने आई पाकिस्तान की टीम को पहले मैच में हराकर भारतीय टीम ने अपना 20 साल का इंतजार पूरा किया। इतना ही नहीं, अगले दो मैच में से एक और मैच जीतकर भारत ने अपनी पहली टेस्ट सीरीज भी जीत ली।

12 दिसंबर, 1955 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखरी टेस्ट मैच खेल कर लाला अमरनाथ ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया। क्रिकेट के बाद अमरनाथ ने चयनकर्ता से लेकर टीम मैनेजर तक की भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने कमेंट्री में भी हाथ आजमाया।

लाला अमरनाथ अपने बेखुआफ अंदाज के लिए जाने जाते थे। उनके दोनो बेटों (Surinder Amarnath और Mohinder Amarnath) ने भी भारतीय टीम के लिए खेलते हुए देश का नाम रोशन किया।

लाला अमरनाथ का करियर लंबा तो रहा, लेकिन मैचों के हिसाब से नहीं। अपने 22 साल के बड़े कैरियर में लाला ने केवल 24 मैच खेले। इन 24 मैचों में लाला ने एक शतक और 4 अर्धशतकों की मदद से 878 रन बनाए। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 45 बार बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। जिसमे एक विकेट ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज Don Bradman का भी शामिल है। लाला अमरनाथ के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट के आंकड़े उनकी शानदार प्रतिभा के साथ न्याय नहीं करते। क्योंकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपना दबदबा दिखाया है। बल्ले से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लाला अमरनाथ ने 186 मैचों में 10 हज़ार से ज्यादा रन बनाए।इस दौरान उनके बल्ले से 31 शतक और 29 अर्धशतक निकले। वहीं गेंद से उन्होंने 463 विकेट अपने न किए।

साल 1991 में भारत सरकार ने लाला अमरनाथ को Padma Bhushan से सम्मानित किया। 5 अगस्त 2000 को दिल्ली में लाला अमरनाथ ने 88 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

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